यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने की अमेरिकी कोशिशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां अचानक तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ तीन घंटे की लंबी बैठक के बाद ट्रेन से यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर दोनों दूतों का स्वागत करते हुए एक वीडियो साझा किया और लिखा कि औपचारिक बातचीत शुरू हो चुकी है।
बातचीत की मेज पर आने से पहले दोनों देशों ने सीमित युद्धविराम का संकेत दिया है। पुतिन ने कूटनीतिक माध्यमों से मिले अनुरोध के बाद कीव पर हवाई हमले रोकने का आदेश दिया, तो वहीं यूक्रेन ने भी सोमवार तक मॉस्को को निशाना न बनाने की बात कही है। हालांकि, क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव का कहना है कि मॉस्को में हुई वार्ता 'गंभीर और स्पष्ट' थी, लेकिन अभी किसी बड़े समझौते का ऐलान नहीं हुआ है।
जर्मनी के आरोपों पर भड़का रूस, दी सीधे युद्ध की चेतावनी
एक तरफ जहां शांति समझौते की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ रूस और पश्चिमी देशों के बीच तल्खी चरम पर पहुंच गई है। जर्मनी द्वारा लीपज़िग/हाले हवाई अड्डे पर यूक्रेनी कार्गो विमान के पास विस्फोटक ड्रोन तैनात करने के मामले में रूसी खुफिया एजेंसी को जिम्मेदार ठहराया गया था। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि बर्लिन के ये आरोप सीधे तौर पर 'असली युद्ध की शुरुआत' जैसे हैं।
लावरोव ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ पर निशाना साधते हुए कहा कि जर्मनी को फिर से यूरोप की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति बनाने के बयान अब धरातल पर उतारे जा रहे हैं और यह रूस के खिलाफ सीधे युद्ध की घोषणा के समान है।
सैन्य और आर्थिक मोर्चे पर बैकफुट पर रूस: यूक्रेन
यूक्रेन के विदेश मंत्री अंद्री सिबीहा ने साफ किया है कि रूस इस स्थिति में नहीं है कि वह अपनी शर्तें थोप सके। उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए दावा किया कि रूसी सेना की बढ़त की रफ्तार अब काफी धीमी हो चुकी है:
- वर्ष 2026 के शुरुआती आठ महीनों में रूसी सेना केवल 0.2 प्रतिशत अतिरिक्त यूक्रेनी क्षेत्र पर ही कब्जा कर पाई है।
- यह बढ़त पिछले साल के मुकाबले लगभग 3.5 गुना धीमी है।
- लगातार बढ़ रहे सैन्य नुकसान और आर्थिक दबाव के कारण युद्ध के पांचवें साल में मॉस्को की स्थिति कमजोर हुई है।
इस बीच, रूसी उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने यह भी संकेत दिया है कि अगर कोई ठोस ढांचा बनता है तो व्लादिमीर पुतिन, डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन संभव हो सकता है।
कीव पर ड्रोन हमलों का साया और मुश्किल होता शीतकाल
कूटनीतिक वार्ताओं के समानांतर ज़मीन पर जंग की विभीषिका कम नहीं हुई है। अमेरिकी दूतों के दौरे से ठीक पहले रूस ने कीव के ज़ुलियानी और बोरिसपिल हवाई अड्डों को निशाना बनाकर हमले किए। राष्ट्रपति जेलेंस्की का कहना है कि ये हमले अमेरिकी प्रतिनिधियों के विमान से उतरने की तैयारियों को बाधित करने के लिए जानबूझकर किए गए थे। बोरिसपिल में एक नौ मंजिला रिहायशी इमारत भी इन हमलों की चपेट में आई।
राजधानी कीव में जेट इंजन से चलने वाले तेज रफ्तार रूसी ड्रोन लगातार बुनियादी ढांचे, बिजली तंत्र और परिवहन को तबाह कर रहे हैं। लगातार बजते हवाई हमलों के सायरन और मेट्रो सेवाओं के बाधित होने से आम नागरिकों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सर्दियों का मौसम करीब आते ही शहर में बिजली और बुनियादी सुविधाओं के संकट को देखते हुए कई नागरिक कीव छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हो रहे हैं।