अमेरिका में खासी चर्चा में रहे लिंडसे क्लैंसी मर्डर केस के छठे दिन अदालती कार्रवाई के दौरान माहौल अचानक बेहद तनावपूर्ण हो गया। अपने तीन मासूम बच्चों की हत्या के आरोप में मुकदमा झेल रही पूर्व नर्स लिंडसे क्लैंसी के ट्रॉयल में 12 सदस्यों की जूरी किसी सर्वसम्मत फैसले पर नहीं पहुंच पा रही है। इसी गतिरोध के बीच बचाव पक्ष ने एक जूरर (जूरी सदस्य) को मामले से हटाने की मांग उठाई, जिसे जज ने सीधे तौर पर खारिज कर दिया।

अदालत में जब छा गया सन्नाटा

प्लायमाउथ की अदालत में विवाद तब गहराया जब जूरी की महिला प्रमुख (फोरवुमन) ने जज विलियम सुलिवन को एक चिट्ठी भेजी। इसमें शिकायत की गई थी कि जूरी का एक सदस्य 'रीज़नेबल डाउट' (वाजिब संदेह) के कानूनी निर्देशों को मानने से साफ इनकार कर रहा है। यह चिट्ठी मिलते ही क्लैंसी के वकील केविन रेडिंगटन और सरकारी वकील जेनिफर स्प्रेग के बीच जज के सामने तीखी बहस हुई।

इसके बाद वकील रेडिंगटन ने अदालत से उस अड़ियल जूरर को हटाने की अर्जी लगाई। जैसे ही यह मांग सार्वजनिक हुई, कोर्ट रूम में मौजूद पत्रकारों और लोगों के बीच सन्नाटा छा गया। हालांकि, जज सुलिवन ने साफ किया कि वह जूरी की आंतरिक बहस में किसी एक पक्ष का साथ नहीं दे सकते। उन्होंने सभी 12 जूरर्स (9 महिलाएं और 3 पुरुष) को एक-एक करके अपने कक्ष में बुलाया, पूछताछ की और फिर जूरी को अपनी चर्चा जारी रखने का निर्देश दिया।

3 बच्चों की हत्या और 'पोस्टपार्टम साइकोसिस' की दलील

36 वर्षीय लिंडसे क्लैंसी पर 24 जनवरी 2023 को मैसाचुसेट्स स्थित अपने घर में अपने तीन बच्चों—5 साल की कोरा, 3 साल के डॉसन और 8 महीने के केलन—की गला घोंटकर हत्या करने का आरोप है। घटना के वक्त लेबर और डिलीवरी नर्स रहीं क्लैंसी ने बच्चों की जान लेने के बाद दूसरी मंजिल की खिड़की से छलांग लगा दी थी, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई और वह कमर के निचले हिस्से से पूरी तरह पैरालाइज हो गईं।

क्लैंसी ने बच्चों का गला घोंटने की बात से इनकार नहीं किया है। लेकिन उनके वकील का तर्क है कि वह उस समय 'पोस्टपार्टम साइकोसिस' (प्रसव के बाद होने वाली गंभीर मानसिक बीमारी) से जूझ रही थीं, जिसके कारण वह सही और गलत का अंतर समझने की स्थिति में नहीं थीं। करीब छह हफ्ते चले ट्रॉयल के बाद जूरी लगभग 35 घंटे विचार-विमर्श कर चुकी है, लेकिन अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।

क्या रद्द होगा ट्रॉयल या आएगा अंतिम फैसला?

अमेरिकी कानून के मुताबिक, किसी भी आरोपी को दोषी ठहराने के लिए जूरी के सभी सदस्यों का 'संदेह से परे' (बियॉन्ड अ रीज़नेबल डाउट) एकमत होना कानूनी अनिवार्यता है। यह अमेरिकी legal सिस्टम का सबसे कड़ा पैमाना है, जिसमें बेगुनाही साबित करने की जिम्मेदारी आरोपी पर नहीं, बल्कि जुर्म साबित करने का पूरा भार अभियोजन पक्ष (प्रॉसीक्यूशन) पर होता है।

यदि जूरी शुक्रवार को भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचती और जज मामले को 'मिस्ट्रायल' (अमान्य ट्रॉयल) घोषित करते हैं, तो अभियोजन पक्ष को नए सिरे से केस चलाने पर विचार करना होगा। अगर क्लैंसी को फर्स्ट-डिग्री मर्डर का दोषी पाया जाता है, तो उन्हें बिना परोल के उम्रकैद की सजा होगी। वहीं, अगर उन्हें मानसिक असंतुलन या आपराधिक जिम्मेदारी से छूट के आधार पर निर्दोष माना जाता है, तो उन्हें राज्य के मनोरोग अस्पताल भेजा जा सकता है।