रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को रोकने की कोशिशें तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शांति वार्ता के सिलसिले में मॉस्को पहुंच चुके हैं। इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक हलचल के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर 72 घंटे के लिए सभी सैन्य हमले रोकने का आदेश दिया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बताया कि यह फैसला अमेरिकी प्रतिनिधियों की मॉस्को और कीव यात्रा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पुतिन खुद अमेरिकी दूतों से मुलाकात करने वाले हैं।
जवाब में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने भी ऐलान किया है कि जब तक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल शांति वार्ता के लिए क्षेत्र में मौजूद है, तब तक उनकी सेना मॉस्को को निशाना नहीं बनाएगी। ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन शनिवार, रविवार और सोमवार तक मॉस्को पर हमले रोकने को तैयार है, बशर्ते रूसी सेना भी कीव पर हमले न करने का अपना वादा निभाए।
कीव पर सीजफायर, लेकिन बाकी यूक्रेन में हमले जारी
भले ही दोनों देश अपनी-अपनी राजधानियों पर हमले रोकने पर सहमत दिख रहे हों, लेकिन यूक्रेन के अन्य इलाकों में जंग की तीव्रता कम नहीं हुई है। अमेरिकी दूतों के पहुंचने से ठीक पहले रूस ने यूक्रेन पर 167 ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। काम्यांस्के के एक औद्योगिक ठिकाने पर हुए हमले में पांच लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए।
इसके अलावा, मध्य कीव में यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU) के मुख्यालय पर भी एक रूसी ड्रोन आ गिरा, जिसमें कम से कम 15 लोग घायल हुए। ज़ेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस ने जानबूझकर कीव और बोरिसपिल हवाई अड्डों को निशाना बनाया ताकि अमेरिकी प्रतिनिधियों के आगमन की तैयारियों में अड़चन पैदा की जा सके। ज़ेलेंस्की ने इस हमले का उसी अंदाज में सटीक जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
वार्ता की शर्तें और वाशिंगटन को रूस की चेतावनी
शांति वार्ता शुरू होने से ठीक पहले रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने अमेरिकी प्रशासन को एक स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ट्रम्प प्रशासन को इस संकट का वास्तविक समाधान खोजने के लिए 'ज़मीनी हकीकत' को स्वीकार करना होगा। रयाबकोव का दावा था कि युद्ध के मैदान में परिस्थितियां इस समय यूक्रेन के पक्ष में नहीं हैं।
वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख किरीलो बुदानोव के मुताबिक, यूक्रेन ने रूस के सामने एक व्यापक अस्थायी सीजफायर का प्रस्ताव सीधे पुतिन तक पहुंचाया था, लेकिन मॉस्को ने इसे पूरी तरह स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद, वार्ता चलने तक दोनों देशों की राजधानियां हमलों से मुक्त रह सकती हैं।
रूसी मेजर जनरल पर जानलेवा हमला
इस कूटनीतिक खींचतान के बीच रूस के भीतर से एक बड़ी खबर आई है। यूक्रेन के बच्चों के अस्पताल पर हुए हमले से जोड़े जा रहे रूसी मेजर जनरल निकोलाई वारपाखोविच पर जानलेवा हमला हुआ है। सरतोव क्षेत्र के प्रोबुझदेनिया गांव में उनके सिर में गोली मारी गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले दो हफ्तों के भीतर रूसी सैन्य अधिकारियों की हत्या के प्रयास का यह तीसरा मामला है।