कुआलालंपुर से जेद्दा की उड़ान पर निकले मलेशिया एयरलाइंस के एक विमान में सोमवार को आसमान में ही तकनीकी खराबी आ गई। इसके बाद क्रू ने तत्परता दिखाते हुए विमान का रुख तमिलनाडु के चेन्नई हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया। इस विमान में कुल 186 लोग सवार थे, जिन्हें चेन्नई में सुरक्षित उतार लिया गया।

मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट MH156 में क्या हुआ?

कुआलालंपुर से सऊदी अरब के जेद्दा शहर जा रही मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट MH156 जब अपने रूट पर थी, तभी इसके इंजन नंबर 2 में गड़बड़ी का पता चला। इसके बाद पायलटों ने नजदीकी एयरफील्ड के तौर पर चेन्नई को चुना और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क कर डायवर्जन की मांग की।

चेन्नई हवाई अड्डे पर लैंडिंग से पहले आपातकालीन प्रतिक्रिया इंतजामों को सक्रिय कर दिया गया था। विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद राहत की सांस ली गई। इस घटना से चेन्नई एयरपोर्ट के सामान्य परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। एयरलाइन के प्रवक्ता ने बताया कि संबंधित तकनीकी टीमें और इंजीनियर विमान में आई तकनीकी खराबी की बारीकी से जांच कर रहे हैं।

एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान में भी आई थी ऐसी ही खराबी

हवाई सफर के दौरान इंजन में खराबी का यह अकेला मामला नहीं है। 31 अगस्त को एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX 415 (बोइंग 737) के साथ भी कुछ ऐसी ही आपात स्थिति पैदा हुई थी। यह उड़ान केरल के कोच्चि से संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी के लिए रवाना हुई थी।

उड़ान भरने के करीब 50 मिनट बाद, जब विमान 36,000 फीट की ऊंचाई पर था, तभी कॉकपिट में मौजूद पायलट और सह-पायलट ने देखा कि इंजन नंबर 1 का ऑयल लेवल तेजी से गिर रहा है।

इसके बाद क्रू मेंबर्स ने मानक सुरक्षा आकलन प्रक्रिया (FORDEC) अपनाई। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:

  • इंजन ऑयल का प्रेशर डेंजर जोन (खतरनाक स्तर) में पहुंचने लगा था।
  • स्थिति को देखते हुए क्रू ने अबू धाबी का आगे का सफर रद्द कर वापस कोच्चि लौटने का निर्णय लिया।
  • सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत हवा में ही इंजन नंबर 1 को बंद करना पड़ा।
  • विमान को सुरक्षित रूप से कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड कराया गया।

दोनों ही मामलों में पायलटों और क्रू के समय पर लिए गए सही फैसलों की वजह से बड़ा हादसा टल गया और यात्री सुरक्षित रहे।