डलास में आयोजित रिपब्लिकन पार्टी के सम्मेलन में शामिल होने जा रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रवानगी बुधवार को कुछ देर के लिए रुक गई। कतर से मिले जिस बोइंग 747 जेट का इस्तेमाल ट्रंप एयरफोर्स वन के रूप में कर रहे हैं, उसकी इमरजेंसी इनफ्लेटेबल स्लाइड अचानक बाहर निकल आई। यह वाकया जॉइंट बेस एंड्रयूज पर उस वक्त हुआ, जब ट्रंप विमान में सवार होने ही वाले थे।

दोपहर करीब 2:02 बजे राष्ट्रपति ट्रंप 'मरीन वन' हेलीकॉप्टर से एंड्रयूज एयरबेस पहुंचे थे। हालांकि स्लाइड खुलने की सूचना मिलते ही सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें हेलीकॉप्टर के अंदर ही रुकने की सलाह दी। क्रू मेंबर्स और तकनीकी टीम की जांच के चलते ट्रंप को 20 मिनट से ज्यादा समय तक हेलीकॉप्टर के भीतर ही इंतजार करना पड़ा।

इमरजेंसी स्लाइड खुलने के बाद बैकअप विमान तैनात

यह इमरजेंसी स्लाइड बोइंग 747 के दाहिने हिस्से की तरफ खुली थी, जो उस दरवाजे के विपरीत है जिसका इस्तेमाल राष्ट्रपति बोर्डिंग के लिए करते हैं। जब तकनीकी टीम इस स्लाइड की जांच कर रही थी, उसी दौरान एहतियात के तौर पर पुराने नीले रंग वाले राष्ट्रपति विमान को नए जेट के ठीक पीछे बैकअप के रूप में लाकर खड़ा कर दिया गया।

मामला सुलझने के बाद दोपहर करीब 2:24 बजे ट्रंप मरीन वन से बाहर निकले और कतरी बोइंग 747 विमान में सवार हुए।

घटनाक्रम के मुख्य बिंदु

  • स्थान और समय: जॉइंट बेस एंड्रयूज पर दोपहर 2:02 बजे मरीन वन की लैंडिंग हुई।
  • तकनीकी वाकया: राष्ट्रपति के बोर्डिंग गेट की विपरीत (दाहिनी) दिशा की इमरजेंसी स्लाइड एक्टिवेट हुई।
  • सुरक्षा उपाय: ट्रंप 20 मिनट से अधिक समय तक हेलीकॉप्टर में रहे; पुराना एयरफोर्स वन जेट बैकअप में खड़ा किया गया।
  • रवानगी: स्थिति साफ होने के बाद दोपहर 2:24 बजे ट्रंप ने डलास के लिए उड़ान भरी।

सुरक्षा चिंताओं पर ट्रंप का बयान

विमान में चढ़ने से ठीक पहले पत्रकारों ने जब इस देरी को लेकर सवाल पूछा, तो ट्रंप ने इसे रूटीन सेफ्टी चेक करार दिया। ट्रंप ने कहा, "वे आपात स्थिति के लिए स्लाइड की जांच कर रहे थे। मुझे लगता है कि इसमें लगभग 15 मिनट का समय लगता है। वे बस यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि हर चीज ठीक से काम करे।"

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें विमान की सुरक्षा पर पूरा भरोसा है, तो उन्होंने कहा, "हां, मुझे बिल्कुल भरोसा है, वरना मैं इसमें सवार ही नहीं होता।"

व्हाइट हाउस ने इस घटना पर अलग से कोई स्पष्टीकरण जारी नहीं किया और मीडिया को राष्ट्रपति के बयान का ही हवाला दिया। फिलहाल यह साफ नहीं हो सका है कि स्लाइड किसी तकनीकी खराबी के कारण खुली या परीक्षण के दौरान ऐसा हुआ।