अमेरिका के मिजौरी राज्य में आगामी संसदीय चुनावों के लिए तैयार किए गए परिसीमन नक्शे को लेकर कानूनी स्थिति उलझ गई है। रिपब्लिकन पार्टी (GOP) के पक्ष में बनाए गए इस चुनावी मैप पर दो अलग-अलग अदालती स्तरों से आए परस्पर विरोधी फैसलों ने चुनावी तंत्र को भ्रम में डाल दिया है।

फैसलों में सीधा टकराव

इस विवाद में मुख्य मोड़ तब आया जब सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस और निचले फेडरल कोर्ट के फैसलों में सीधा विरोधाभास सामने आया:

  • सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ब्रेट एम. कावेनो: इन्होंने रिपब्लिकन समर्थित नक्शे के संबंध में एक अलग आदेश जारी किया।
  • फेडरल जज: इन्होंने जस्टिस कावेनो के रुख के ठीक विपरीत फैसला सुनाते हुए नक्शे की स्थिति पर अलग आदेश दिया।

उम्मीदवारों के सामने अनिश्चितता

दोनों अदालतों के एक-दूसरे के उलट आदेशों की वजह से मिजौरी में संसदीय चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की स्थिति अधर में लटक गई है। जब तक न्यायपालिका से इस परिसीमन पर कोई स्पष्ट और अंतिम निर्देश नहीं आ जाता, तब तक राज्य में संसदीय सीटों की स्थिति अनिश्चित ही बनी रहेगी।