देश के जाने-माने वैज्ञानिक और भारत रत्न से सम्मानित प्रोफेसर सीएनआर राव को मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नोटिस जारी किया गया है। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में उनके नाम की स्पेलिंग में अंतर पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया। अब उन्हें अपनी पहचान साबित करने के लिए एक प्रशासनिक सुनवाई की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
वोटर लिस्ट में एक अतिरिक्त 'f' का फेर
यह मामला मतदाता सूची में हुई स्पेलिंग की गलती से जुड़ा है। रिकॉर्ड्स के मुताबिक, साल 2002 की वोटर लिस्ट में उनका नाम 'Prof C N R Rao' दर्ज था। हालांकि, हालिया वोटर लिस्ट में 'Prof' में एक अतिरिक्त 'f' जुड़ जाने से नाम 'Proff' हो गया। चुनावी रिकॉर्ड्स के मिलान के दौरान इस अंतर के सामने आने पर पहचान के भौतिक सत्यापन के लिए नोटिस जारी किया गया है।
अमर्त्य सेन के मामले से तुलना
वोटर लिस्ट में नाम की स्पेलिंग में गड़बड़ी का यह कोई अकेला मामला नहीं है। इससे पहले प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के नाम की स्पेलिंग में भी इसी तरह का अंतर पाया गया था।
हालांकि, दोनों मामलों में कार्रवाई का तरीका अलग रहा है:
- अमर्त्य सेन का मामला: नाम में गड़बड़ी के बावजूद उन्हें सत्यापन के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट दे दी गई थी।
- प्रोफेसर सीएनआर राव का मामला: प्रोफेसर राव को पहचान की पुष्टि के लिए सुनवाई में शामिल होने का निर्देश दिया गया है।