नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा और बाढ़ के हालातों के बीच सोशल मीडिया पर जारी भारत-विरोधी टिप्पणियों पर सिंगापुर के मंत्री ने सख्त रुख अपनाया है। इंटरनेट पर भारतीय समुदाय और देश को निशाना बनाकर की जा रही नस्ली बयानबाजी को उन्होंने 'शर्मनाक और घिनौना' (Shameful and Nasty) करार दिया है।

नफरती बयानों पर कड़ा ऐतराज

बाढ़ जैसी भीषण आपदा के समय जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता और संवेदनशीलता की दरकार होती है, वहीं कुछ ऑनलाइन मंचों पर भारत के खिलाफ नफरत भरा माहौल बनाने की कोशिश की गई। सिंगापुर के मंत्री ने इस तरह की मानसिकता पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि आपदा के वक्त नस्ली वैमनस्य फैलाना बेहद घटिया सोच को दर्शाता है।

डिजिटल मंचों पर नफरत के खिलाफ संदेश

सिंगापुर अपने बहुसांस्कृतिक समाज और सख्त कानूनों के लिए जाना जाता है। सरकार के प्रतिनिधि द्वारा सार्वजनिक रूप से इस तरह के रवैये की आलोचना करना यह साफ संदेश देता है कि किसी भी रूप में नस्ली या राष्ट्रीय आधार पर भेदभाव और नफरत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद मंत्री के बयान को विभिन्न हलकों में समर्थन मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आपदा के समय डिजिटल स्पेस का इस्तेमाल राहत, बचाव और सहभागिता के लिए होना चाहिए, न कि किसी देश या समाज के खिलाफ नफरत बोने के लिए।