सत्या निकेतन हादसे के बाद सवालों के घेरे में MCD कमिश्नर

राजधानी दिल्ली के सत्या निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला इमारत ढहने से सात लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने शहर में धड़ल्ले से चल रहे अवैध निर्माण और नगर निगम की निगरानी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। घटना के बाद से दिल्ली नगर निगम (MCD) के कमिश्नर संजीव खिरवार एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। खिरवार वही आईएएस अधिकारी हैं, जिनका नाम कुछ साल पहले त्यागराज स्टेडियम में एथलीटों को बाहर निकालकर कुत्ता टहलाने के विवाद में उछला था।

हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी: सिर्फ मकान मालिक जिम्मेदार नहीं

हादसे पर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने बेहद कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि ऐसे हादसों के लिए केवल संपत्ति का मालिक जिम्मेदार नहीं है, बल्कि एमसीडी और अन्य संबंधित प्राधिकरण भी उतने ही जवाबदेह हैं। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि जिम्मेदार एजेंसियां अपने कानूनी कर्तव्यों के प्रति सतर्क रहतीं, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

अदालत ने दिल्ली विश्वविद्यालय और शहर में चल रहे प्राइवेट हॉस्टलों व पेइंग गेस्ट (PG) आवासों की बदहाली पर गहरी चिंता व्यक्त की। हाई कोर्ट ने एमसीडी को मुख्य निर्देश जारी किए हैं:

कमिश्नर की सफाई: अवैध निर्माण पर 'जीरो टॉलरेंस'

हादसे के बाद एमसीडी कमिश्नर संजीव खिरवार ने बताया कि ढही हुई इमारत के पास वाला ढांचा भी कमजोर हो गया था, जिसे रात में सुरक्षित करने का काम किया गया और अब उसे 1-2 दिनों में चरणबद्ध तरीके से गिराया जाएगा। खिरवार ने दावा किया कि निगम अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रहा है और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने निगम की हालिया कार्रवाई के आंकड़े सामने रखे:

विवादों से लद्दाख तबादले तक, ऐसा रहा है प्रशासनिक सफर

1994 बैच के एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर के आईएएस अधिकारी संजीव खिरवार को इसी साल जनवरी में गृह मंत्रालय ने अश्विनी कुमार की जगह एमसीडी कमिश्नर नियुक्त किया था। इससे पहले मई 2022 में दिल्ली के राजस्व सचिव रहते हुए उनका नाम उस वक्त सुर्खियों में आया था, जब उन पर दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम को तय समय से पहले बंद करवाने का आरोप लगा, ताकि वे अपने कुत्ते को टहला सकें।

इस मामले पर बड़ा विवाद खड़ा होने के बाद केंद्र सरकार ने खिरवार का तबादला लद्दाख और उनकी पत्नी रिंकू दुग्गा (1994 बैच की आईएएस) का तबादला अरुणाचल प्रदेश कर दिया था। तीन दशक से अधिक लंबे करियर में केंद्र और दिल्ली सरकार के विभिन्न अहम विभागों को संभालने वाले खिरवार की अब इस हादसे के बाद प्रशासनिक जवाबदेही पर दोबारा बहस छिड़ गई है।