मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच सऊदी अरब ने अपनी महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हुए सिलसिलेवार हमलों के बाद इसका परिचालन एहतियातन बंद कर दिया है। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के एक आधिकारिक सूत्र के अनुसार, गुरुवार को हुए इन हमलों में कई लोग घायल हुए हैं। घटना के तुरंत बाद आपातकालीन टीमों और तकनीकी विशेषज्ञों ने पाइपलाइन को सुरक्षित करने और उसकी जांच के लिए काम शुरू कर दिया है। यह पाइपलाइन सऊदी अरब के पूर्वी तेल क्षेत्रों से लाल सागर के किनारे स्थित यानबू बंदरगाह तक जाती है और होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट की स्थिति में तेल आपूर्ति बनाए रखने का एक प्रमुख जरिया है।

सऊदी अरब की सैन्य तैयारी और अमेरिका का रुख

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच गुरुवार को इस मुद्दे पर दो बार टेलीफोन पर बातचीत हुई। सऊदी क्राउन प्रिंस ने अमेरिका से प्रत्यक्ष सैन्य हस्तक्षेप का आग्रह किया, हालांकि इसे तत्काल अनिवार्य नहीं बताया। वाशिंगटन इस समय सऊदी अरब को खुफिया जानकारी और टारगेटिंग में बड़ी मदद दे रहा है, लेकिन हूथी विद्रोहियों के खिलाफ सीधे सैन्य हमले करने की उसकी फिलहाल कोई योजना नहीं है।

मामले से जुड़े प्रमुख घटनाक्रम इस प्रकार हैं:

ईरान की वार्ता पहल और 9/11 पर ट्रंप का बयान

ईरानी सरकारी टीवी के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बघाई ने कहा है कि सोमवार को खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों के साथ एक बैठक हो सकती है। इसमें ओमान के साथ हुई उन वार्ताओं पर चर्चा होगी जो होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन से जुड़ी हैं। अगर यह बैठक होती है, तो फरवरी में अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए सैन्य अभियानों के बाद जीसीसी और वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों के बीच यह पहली मुलाकात होगी। हालांकि, खाड़ी देशों ने अभी तक इस बैठक में शामिल होने की औपचारिक पुष्टि नहीं की है।

दूसरी ओर, 9/11 हमलों की 25वीं बरसी पर पेंटागन में भाषण देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आतंकवाद के खिलाफ अमेरिकी सेना के प्रयासों को सराहा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैनिक यह सुनिश्चित करने के लिए रात-दिन काम कर रहे हैं कि ईरान जैसा देश कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उल्लेखनीय है कि फरवरी में सैन्य हमले शुरू होने और जून में वार्ता के बाद भी अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हमले जारी हैं, जिसमें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य तनाव का मुख्य केंद्र बना हुआ है।