भारत और रूस के बीच होने जा रही उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता में सैन्य तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक प्रतिबंधों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सीधी बात होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच इस मुलाकात में दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को मजबूती देने की तैयारी है।

रक्षा और परमाणु ऊर्जा पर केंद्रित होगी चर्चा

इस बैठक के मुख्य एजेंडे में रूस का उन्नत 5वीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान Su-57 शामिल है। भारतीय वायुसेना की जरूरतों और आधुनिक रक्षा तकनीकों को ध्यान में रखते हुए इस लड़ाकू विमान से जुड़ी साझेदारी पर विस्तृत विचार-विमर्श की संभावना है। इसके साथ ही, असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और नए परमाणु संयंत्रों के निर्माण को लेकर भी दोनों देशों के बीच बात होगी।

बातचीत के मुख्य बिंदु

अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच व्यापारिक संतुलन

अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के चलते भारत और रूस के बीच होने वाले व्यापार में वित्तीय और बैंकिंग अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है। इस वार्ता के दौरान दोनों नेता इस बात पर ध्यान देंगे कि रक्षा आपूर्ति और ऊर्जा व्यापार बिना किसी रुकावट के कैसे जारी रखा जाए, ताकि प्रतिबंधों का असर द्विपक्षीय प्राथमिकताओं पर न पड़े।