रूस और यूक्रेन के बीच पांचवें साल में प्रवेश कर चुके युद्ध को समाप्त कराने के नए अमेरिकी प्रयास के तहत ट्रम्प प्रशासन के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर रविवार को यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे। पोलैंड से ट्रेन के जरिए कीव पहुंचे अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने ऐतिहासिक सेंट सोफिया कैथेड्रल के बाहर स्वागत किया। रूस के व्यापक आक्रमण की शुरुआत के बाद से विटकॉफ और कुशनर की यह पहली कीव यात्रा है, हालांकि इससे पहले वे कई बार रूस जा चुके हैं।
मॉस्को में पुतिन के साथ तीन घंटे की गहन बैठक
कीव पहुंचने से पहले शनिवार को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ क्रेमलिन में तीन घंटे से अधिक समय तक बैठक की। व्हाइट हाउस के अधिकारियों के मुताबिक, इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद, विदेश विभाग और वित्त विभाग के अधिकारी भी शामिल थे, जहां शांति समझौते की दिशा में आगे के कदमों पर चर्चा हुई।
बैठक की शुरुआत में विटकॉफ ने ट्रम्प की ओर से शुभकामनाएं दीं और अमेरिकी नागरिक रॉब गिलमैन की रिहाई में मदद के लिए पुतिन का शुक्रिया अदा किया, जिस पर पुतिन ने इसका श्रेय ट्रम्प को दिया। इसके अलावा, अमेरिकी दूतों की सुरक्षित आवाजाही के लिए कीव और मॉस्को के आसपास एक अस्थायी 'नो-शूट' (हमला न करने) व्यवस्था पर भी सहमति बनी थी।
पुतिन ने नहीं दिए समझौते के संकेत
क्रेमलिन में हुई तीन घंटे की वार्ता के बावजूद रूस के रुख में बदलाव का कोई संकेत नहीं मिला। पुतिन के सलाहकार यूरी उशाकोव ने बताया कि रूसी राष्ट्रपति ने अमेरिकी प्रतिनिधियों से स्पष्ट कहा कि शांति के लिए युद्ध के 'मूल कारणों' को समाप्त करना जरूरी है। इसका सीधा मतलब यूक्रेन को नाटो में शामिल न होने देने, उसकी सैन्य क्षमता घटाने और तटस्थ देश का दर्जा स्वीकार करने जैसी पुरानी शर्तें हैं।
उशाकोव के अनुसार, पुतिन ने युद्ध के मैदान में अपनी सेना की प्रगति पर संतोष जताया और अपने लक्ष्यों को पूरा करने का भरोसा दोहराया। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन का रुख हाल के हफ्तों में और सख्त हुआ है और वे सर्दियों में यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाकर कीव पर दबाव बढ़ा रहे हैं।
यूक्रेन का रुख और दूतों की क्षमता पर सवाल
अमेरिकी प्रतिनिधियों से मुलाकात से पहले राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यूक्रेन हमेशा रचनात्मक रहा है और युद्ध का अंत चाहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश को सुरक्षा गारंटी और एक सम्मानजनक शांति समझौते की दरकार है।
वहीं दूसरी ओर, यूक्रेनी संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष ओलेक्सैंडर मेरेझको ने अमेरिकी दूतों की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विटकॉफ और कुशनर के पास इतने जटिल राजनयिक मामले को सुलझाने का जरूरी अनुभव नहीं है। मेरेझको के मुताबिक, पुतिन का मानना है कि यूक्रेन के पूरी तरह झुके बिना उनका अपना अस्तित्व सुरक्षित नहीं है, इसलिए इस वार्ता से बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं रखी जा सकतीं।
वार्ता के बीच भी जारी रहे हवाई हमले
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान दोनों देशों की राजधानियों पर हमले न करने की सहमति जरूर बनी थी, लेकिन यूक्रेन के अन्य हिस्सों में सैन्य कार्रवाई जारी रही। रात भर हुए हवाई हमलों का विवरण इस प्रकार है:
- यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक, रूस ने रात भर में 108 ड्रोन और क्रूज मिसाइलें दागीं, जिनमें से 82 ड्रोन और 6 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया।
- कीव क्षेत्र में एक प्रमुख बुनियादी ढांचे पर रूसी हमले के कारण भीषण आग लग गई।
- दूसरी तरफ, रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने 14 रूसी क्षेत्रों, कब्जा किए गए क्रीमिया और काला सागर के ऊपर यूक्रेन के 258 ड्रोन गिराए हैं।