एक कारोबारी की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले की जांच कर रही टीम ने मृतक की बहू और उनके एक पूर्व घरेलू नौकर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए पिछले तीन महीनों से साजिश रची जा रही थी।

डिलीवरी बॉय बनकर फ्लैट में ली थी एंट्री

जांच के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात के दिन पहचान छुपाने के लिए डिलीवरी बॉय का भेष धारण किया था। डिलीवरी एजेंट की पोशाक में होने के कारण उन्हें पीड़ित के फ्लैट में दाखिल होने में कोई दिक्कत नहीं हुई और किसी को उन पर शक भी नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया।

330 कॉल और सीसीटीवी से खुली पोल

पुलिस ने जब मामले की परतें उधेड़नी शुरू कीं, तो तकनीकी सर्विलांस ने अहम भूमिका निभाई। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगालने पर पता चला कि वारदात से ठीक पहले के 21 दिनों में बहू और पूर्व नौकर के बीच 330 बार फोन पर बातचीत हुई थी। इस लगातार संपर्क ने जांच अधिकारियों का ध्यान खींचा और साजिश की कड़ियां जुड़ती चली गईं।

इस पूरे मामले में पुलिस को मुख्य रूप से दो बड़े सबूत मिले:

सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने पूरी घटना का री-कंस्ट्रक्शन किया और 3 महीने से रची जा रही इस साजिश का पर्दाफाश करते हुए दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया।