इराक की ओर से हुए ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरब ने अपनी एक मुख्य तेल पाइपलाइन का संचालन रोक दिया है। इस खबर के सार्वजनिक होते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ते हुए 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गईं।

मध्य पूर्व में व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष फैलने की बढ़ती आशंकाओं के बीच इस कदम ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए इस हमले के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अनिश्चितता का माहौल बन गया है।