श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने अंदाज में राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा। देश के इस प्रतिष्ठित वाणिज्य संस्थान में छात्रों और 'जेन-जी' (Gen-Z) युवाओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारत की प्रगति और उपलब्धियों पर चुटकी लेने वालों के रवैए को पारिवारिक ताने-बाने से जोड़ा। उन्होंने कहा कि देश जब तेजी से आगे बढ़ रहा है, तब भी कुछ लोग हर बात में नुक्स निकालने में व्यस्त हैं।
विपक्ष पर तंज: 'नाराज फूफा' से लेकर 'दिमागी नक्सल' तक
संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने विरोधियों की मानसिकता की तुलना शादी-ब्याह के माहौल में अक्सर असंतुष्ट रहने वाले 'नाराज फूफा' से कर डाली। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि मैदान में अब ऐसे ही फूफा आ गए हैं जिन्हें हर सकारात्मक बदलाव से ऐतराज होता है। इसके साथ ही पीएम ने देश के विकास की राह में वैचारिक रोड़ा अटकाने वाले तत्वों को आड़े हाथों लिया और एक बार फिर 'दिमागी नक्सली' शब्द का इस्तेमाल किया। अपनी बात को समझाने के लिए उन्होंने होम्योपैथी की गोली से जुड़ा एक दिलचस्प उदाहरण भी सामने रखा।
जेन-जी से सीधा संवाद और 'OG' छात्रों की तारीफ
युवाओं के साथ संवाद को रोचक बनाते हुए प्रधानमंत्री ने आजकल की नई पीढ़ी की शब्दावली का इस्तेमाल किया। उन्होंने SRCC के छात्रों को 'OG' (ओरिजिनल) कहकर संबोधित किया, जिस पर ऑडिटोरियम में मौजूद छात्रों ने जोरदार तालियों से प्रतिक्रिया दी। पीएम ने युवाओं से देश के आर्थिक और सामाजिक विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
संस्थापक लाला श्री राम का स्मरण
इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री ने कॉलेज की नींव रखने वाले महान बिजनेसमैन और उद्योगपति लाला श्री राम के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि लाला श्री राम के दूरदर्शी दृष्टिकोण के कारण ही देश को ऐसा शीर्ष संस्थान मिला, जिसने दशकों से भारत को बेहतरीन कारोबारी और आर्थिक नेतृत्व दिया है।
संबोधन के मुख्य बिंदु:
- नाराज फूफा की उपमा: भारत की वैश्विक प्रगति पर सवाल उठाने वाले आलोचकों को 'नाराज फूफा' की संज्ञा दी।
- दिमागी नक्सल पर प्रहार: विकास विरोधी सोच और प्रगति में बाधा बनने वाली मानसिकता का फिर से जिक्र किया।
- युवाओं से जुड़ाव: जेन-जी के बीच पहुंचकर SRCC के छात्रों को 'OG' बताया।
- लाला श्री राम को श्रद्धांजलि: देश के शीर्ष कॉमर्स कॉलेज को स्थापित करने वाले संस्थापक के विजन को सराहा।