अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत पर हुए मिसाइल हमले के प्रयास के बाद वाशिंगटन और तेहरान के बीच सैन्य टकराव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। एसोसिएटेड प्रेस ने एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी के हवाले से इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। इस घटनाक्रम के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
ईरान की चेतावनी और खारग द्वीप के पास मिसाइल हमला
अमेरिकी हमले के तुरंत बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कुवैत और बहरीन के तटों व बंदरगाहों पर मौजूद तेल टैंकरों के क्रू को फौरन अपने जहाज छोड़ने का फरमान जारी किया। गार्ड्स ने सख्त लहजे में कहा कि चाहे जहाज समंदर में लंगर डाले हों या बंदरगाह पर बंधे हों, वे सीधे निशाने पर हैं।
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, एक अमेरिकी मिसाइल ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र 'खारग द्वीप' से लगभग चार मील दूर एक छोटे तेल टैंकर से टकराई। हालांकि, इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इसके अलावा खारग द्वीप और दक्षिणी बंदरगाह जास्क में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले की धमकी और ड्रोन गिराने का दावा
बढ़ते तनाव के बीच दोनों देशों के बीच तीखी बयानबाजी और सैन्य हरकतें दर्ज की गई हैं:
- ईरानी सशस्त्र बलों के प्रमुख अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी जारी की है कि यदि अमेरिका ने उनके तेल टैंकरों पर हमले बंद नहीं किए, तो ईरान पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा।
- रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर उड़ रहे एक MQ-1 ड्रोन को अपने नए उन्नत एकीकृत वायु रक्षा तंत्र से मार गिराया है।
तेल बाजार पर असर और अमेरिकी आर्थिक पाबंदियां
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण रास्ता है, जहां से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है। सैन्य हलचल के चलते वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता अचानक बढ़ गई है। मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर 99.46 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले इस तेजी ने ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है।
उधर, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान पर आर्थिक शिकंजा और कसते हुए 36 विमानन संस्थाओं पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिका का आरोप है कि इन उड़ानों का इस्तेमाल हथियार, सैन्य कर्मियों और अवैध सामानों की ढुलाई के लिए किया जा रहा था।
कूटनीतिक कोशिशें और बढ़ता क्षेत्रीय दायरा
सैन्य टकराव के बीच ईरान ने दावा किया है कि ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन को लेकर जारी कूटनीतिक बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इस बारे में अपने जापानी समकक्ष को भी जानकारी दी है।
दूसरी तरफ, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सऊदी अरब पर हो रहे हूथी हमलों के पीछे ईरान का हाथ होने की बात कही है। यमन में चार साल के संघर्षविराम के बाद बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास हिंसा फिर भड़क उठी है। वहीं लेबनान में भी इजराइली हवाई हमलों में 13 लोगों की जान चली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल है।